राजीव ने एक गहरी साँस ली और वह आसमान की तरफ देखने लगा जैसे उसने जो यहाँ खो दिया है वह वहाँ उसे शून्य में मिल जाएगा; पर ऐसा होता कहाँ है — एक बार खो चुकी चीज़ जमीं, आसमान तो क्या, जन्मों तक भी नहीं मिलती।
“टूटा खिलौना” एक मार्मिक कहानी है मासूम बच्चे टीनू की — जो गरीब होते हुए भी सबसे अमीर दिल रखता है। वो कचरे से खिलौने ढूँढता है, क्योंकि उसके लिए हर टूटी चीज़ में भी एक कहानी, एक जीवन की झलक होती है।
जाने की जल्दी में लोग अक्सर भूल जाते हैं… सब कुछ ठीक से बंद करना… कभी कोई “खिड़की” उम्मीद की, तो कभी कोई दरवाज़ा इंतज़ार का ज़रा-सा खुला छोड़ ही जाते हैं…